खेती यदि आधुनिक तकनीक, सही मार्गदर्शन और नए प्रयोगों के साथ की जाए, तो यह न केवल परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सकती है, बल्कि आने वाली पीढ़ी के सपनों को भी नई उड़ान दे सकती है। ग्राम मंगलपुर निवासी किसान श्री लक्ष्मी नारायण पटवा की कहानी इसी बदलाव की प्रेरक मिसाल है। श्री लक्ष्मी नारायण लगभग 20 बीघा भूमि में खेती करते हैं।

खेती के साथ पशुपालन को भी उन्होंने अपनी आय का माध्यम बनाया है। कृषि विभाग से जुड़कर उन्होंने शासन की विभिन्न किसान हितैषी योजनाओं और आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी प्राप्त की तथा उन्हें अपनी खेती में अपनाया। आज उनके खेत में पारंपरिक फसलों के साथ विभिन्न प्रकार की सब्जियों और फूलों की खेती की जा रही है। खेती में नया प्रयोग करते हुए उन्होंने वर्तमान में ड्रैगन फ्रूट की खेती भी प्रारंभ की है।

वे खेत में जैविक खाद का उपयोग करते हैं तथा कृषि विभाग के मार्गदर्शन में समय-समय पर उन्नत बीज और पौधों का उपयोग कर नई तकनीकों को अपनाते हैं। बढ़ी आमदनी, परिवार में आई खुशहाली श्री लक्ष्मी नारायण बताते हैं कि आधुनिक तकनीक और फसल विविधीकरण अपनाने से उनकी खेती से होने वाली आमदनी में वृद्धि हुई है।

खेती की लागत निकालने के बाद उन्हें लगभग 5 से 6 लाख रुपये तक का लाभ प्राप्त हो रहा है। वे कहते हैं कि बढ़ी हुई आय का सीधा असर उनके परिवार के जीवन पर पड़ा है। घर की आर्थिक स्थिति पहले की तुलना में बेहतर हुई है। परिवार की जरूरतें आसानी से पूरी हो रही हैं और बच्चों की पढ़ाई के लिए भी बेहतर अवसर उपलब्ध हो पाए हैं।

उनके बच्चे अब अच्छे विद्यालय में शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। लक्ष्मी नारायण के लिए यह केवल आर्थिक उन्नति नहीं, बल्कि अपने बच्चों के बेहतर भविष्य की ओर बढ़ता हुआ कदम है। योजनाओं का लाभ लेकर खेती को बनाया लाभ का माध्यम श्री लक्ष्मी नारायण को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना एवं मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना का लाभ मिल रहा है।

कृषि विभाग द्वारा समय-समय पर आयोजित कृषि शिविरों में उन्हें आधुनिक कृषि पद्धतियों और नवाचारों की जानकारी दी जाती है, जिसका उपयोग वे अपने खेत में करते हैं। उनके घर में सौर ऊर्जा प्लेट भी लगी हुई है, जिससे वे सौर ऊर्जा का उपयोग कर रहे हैं। खेती, पशुपालन, सौर ऊर्जा और फसल विविधीकरण को अपनाकर वे अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को लगातार मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

“नई सोच और नई तकनीक से खेती बनेगी समृद्धि का आधार” श्री लक्ष्मी नारायण का मानना है कि आज के समय में किसान यदि केवल पारंपरिक खेती तक सीमित न रहकर फसल विविधीकरण, आधुनिक तकनीक और नवाचार को अपनाएं, तो खेती को बेहतर आय का माध्यम बनाया जा सकता है।

वे शासन द्वारा किसानों के हित में संचालित विभिन्न योजनाओं एवं कृषि क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति आभार व्यक्त करते हैं। वे अन्य किसान भाइयों से भी अपील करते हैं कि शासन की योजनाओं से जुड़ें, कृषि विभाग के मार्गदर्शन का लाभ लें और आधुनिक तकनीक अपनाकर खेती को लाभ का व्यवसाय बनाएं।

लक्ष्मी नारायण की कहानी यह बताती है कि जब मेहनत के साथ नई सोच और आधुनिक तकनीक जुड़ती है, तो खेत की हरियाली परिवार की खुशहाली में बदल जाती है। .़ सुश्री निहारिका मीना सहायक संचालक जनसम्पर्क दतिया