प्रधानमंत्री पोषण शक्ति अभियान के अंतर्गत जिले के सभी प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत पूर्व से कार्यरत एवं पंजीकृत रसोइयों का चिन्हांकन कर उनके बैंक खातों को ऑनलाइन किया जा रहा है। इसके साथ ही रसोइयों के खातों का ऑनलाइन सत्यापन भी किया जा रहा है। यह पूरी प्रक्रिया ई-केवाईसी एवं आईएफएमआईएस की तर्ज पर की जा रही है।
रसोइया सत्यापन के लिए निर्धारित मानकों के अनुसार जिन रसोइयों के नाम अध्यक्ष अथवा सचिव के पद पर दर्ज हैं, उनका सत्यापन कर उन्हें रसोइया मान्य किया जा रहा है। वहीं जिन रसोइयों का नाम समूह के साथ लोकॉस पोर्टल पर पंजीकृत नहीं है, उन्हें समूह का सदस्य मानते हुए लोकॉस पोर्टल पर पंजीयन किया जा रहा है।
रसोइयों का पंजीयन एवं सत्यापन एचएम तथा बीआरसी के माध्यम से कराया जा रहा है तथा सभी रसोइयों को व्यक्तिगत चिन्हित किया जा रहा है। सीईओ जिला पंचायत श्री शैलेन्द्र सिंह बताया कि आगामी समय में परिवर्तित खाता धारकों अथवा परिवर्तित अध्यक्ष-सचिव वाले एमडीएम समूहों में समूह के माध्यम से नए निर्वाचन कराकर रसोइया बनने से खाली पड़े बैंक खातों का संचालन व्यवस्थित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि मध्यान्ह भोजन में संलग्न रसोइयों के जुलाई माह के मानदेय के भुगतान के लिए एसएनए स्पर्श पोर्टल पर नई प्रक्रिया शुरू की गई है। सत्यापन के दौरान जिले में कुल 1006 रसोइयों का सत्यापन पूर्ण किया जा चुका है, जबकि शेष रसोइयों के सत्यापन की कार्रवाई प्रचलित है। संबंधित बीआरसीसी को शत-प्रतिशत सत्यापन पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए हैं।
वहीं सत्यापन के दौरान दतिया में 75 तथा सेवढ़ा में 129 समूह ऐसे पाए गए हैं, जिनके रसोइयों के नाम लोकॉस पोर्टल पर दर्ज नहीं हैं। इन्हें अनियमितता की श्रेणी में रखते हुए संबंधित रसोइयों को लोकॉस पोर्टल पर जोड़ने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त दतिया में 150 तथा सेवढ़ा में 89 रसोइया अध्यक्ष-सचिव के पद पर कार्यरत पाए गए हैं।
ऐसे रसोइयों को एनआरएलएम के शासन नियमों के अनुसार दो वर्ष की कार्य अवधि पूर्ण होने पर बदलने की कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश संबंधित टीम को दिए गए हैं।




