कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट के बेतवा सभागार में जिलास्तरीय NCORD ( नारकोटिक्स कोऑर्डिनेशन) कमेटी की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में नारकोटिक्स एवं अन्य नशीले पदार्थों के अवैध उपयोग एवं प्रसार की रोकथाम, जनजागरूकता तथा संबंधित विभागों के मध्य बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के संबंध में विस्तार से चर्चा की गई।
कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता ने कहा कि नशे की रोकथाम के लिए केवल कार्रवाई ही नहीं, बल्कि व्यापक स्तर पर जनजागरूकता भी जरूरी है। युवाओं एवं आम नागरिकों को नशे के दुष्परिणामों की जानकारी देने के साथ नशे की लत से प्रभावित व्यक्तियों को उपचार एवं उचित परामर्श उपलब्ध कराना आवश्यक है। उन्होंने संबंधित विभागों को समन्वय के साथ प्रभावी जागरूकता गतिविधियां संचालित करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि नशे के कारण अस्पतालों में भर्ती होने वाले मरीजों की आवश्यकतानुसार काउंसिलिंग कराई जाए, ताकि उन्हें नशे की लत से बाहर आने के लिए उचित मार्गदर्शन एवं सहयोग मिल सके। स्वास्थ्य विभाग द्वारा ऐसे मरीजों को उपचार के साथ-साथ नशामुक्ति एवं पुनर्वास संबंधी सेवाओं से जोड़ने की दिशा में भी कार्य किया जाए।
बैठक में मेडिकल स्टोर्स के माध्यम से नशे से संबंधित दवाओं के अनाधिकृत उपयोग को रोकने पर भी विशेष जोर दिया गया। कलेक्टर श्री गुप्ता ने निर्देश दिए कि बिना चिकित्सक के प्रिस्क्रिप्शन के दी जाने वाली नशे से संबंधित दवाओं एवं विशेष रूप से ऐसी दवाओं/सिरप की बिक्री न करने संबंधी स्पष्ट जानकारी मेडिकल स्टोर्स पर फ्लेक्स के माध्यम से प्रदर्शित की जाए। संदिग्ध प्रिस्क्रिप्शन की जांच पड़ताल हेतु संबंधितों को निर्देश दिए गए हैं।
इसके माध्यम से मेडिकल स्टोर संचालकों के साथ-साथ आम नागरिकों को भी निर्धारित नियमों एवं सावधानियों की जानकारी दी जाए।
कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि मेडिकल स्टोर्स पर प्रदर्शित किए जाने वाले फ्लेक्स में स्पष्ट रूप से यह संदेश हो कि चिकित्सक के वैध प्रिस्क्रिप्शन के बिना नशीले अथवा नशीले प्रभाव वाली दवाओं की बिक्री न की जाए। साथ ही संबंधित विभाग मेडिकल स्टोर्स पर इसकी नियमित निगरानी एवं आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें।
बैठक में नशीले पदार्थों की उपलब्धता एवं अवैध गतिविधियों पर निगरानी, संदिग्ध गतिविधियों की सूचना के त्वरित आदान-प्रदान तथा आवश्यक कार्रवाई के संबंध में भी चर्चा की गई। शैक्षणिक संस्थानों एवं युवाओं के बीच नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा नशामुक्ति के लिए सकारात्मक वातावरण तैयार करने पर विशेष बल दिया गया।
कलेक्टर श्री गुप्ता ने कहा कि नशे की रोकथाम एक सामूहिक जिम्मेदारी है। पुलिस, प्रशासन, स्वास्थ्य, शिक्षा, औषधि प्रशासन सहित सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय से कार्य करते हुए नशे के विरुद्ध प्रभावी अभियान चलाएं तथा जनभागीदारी के माध्यम से नशामुक्त समाज के निर्माण की दिशा में प्रयास करें।
बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारियों ने अपने-अपने विभाग से संबंधित जानकारी प्रस्तुत की तथा नशा नियंत्रण एवं रोकथाम के लिए किए जा रहे प्रयासों से अवगत कराया।
पुलिस अधीक्षक श्री रोहित काशवानी ने जिले में नशामुक्ति मुहिम पर बल देते हुए कहा कि नशें का व्यापार करने वालों की सूचनाएं अविलंब पुलिस को दे वैसे पुलिस अपने स्तर पर सघन जांच पड़ताल कर रही है। ततसंबंध में अब तक हुई कार्रवाई को उन्होंने रेखांकित किया है। बैठक में मेडिकल कॉलेज, जिला चिकित्सालय, स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, के साथ साथ विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।






