प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, चंद्रशेखर आजाद शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, सीहोर के
समाजशास्त्र विभाग द्वारा 16 सितम्बर से 23 सितम्बर तक दिव्यांगजन एवं निशक्तजनों के रोजगार, कौशल विकास, आत्मनिर्भरता एवं उज्ज्वल भविष्य को समर्पित सप्ताहभर जागरूकता एवं जानकारीपरक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसका संयोजन समाजशास्त्र विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. प्रमिला जैन के द्वारा किया गया।
कार्यक्रम का समापन आज दिनांक 25-09-2026 को महाविद्यालय के प्राचार्य एवं विशेष वक्ता डॉ. रोहिताश्व कुमार शर्मा ने कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को दिव्यांगजनों के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं, रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों, कौशल प्रशिक्षण तथा सामाजिक सुरक्षा सुविधाओं की जानकारी प्रदान की गई। साथ ही, दिव्यांग पुनर्वास केंद्र एवं अस्पताल का भ्रमण कर दिव्यांगजनों के उपचार, पुनर्वास एवं सहायता सेवाओं की व्यावहारिक जानकारी भी विद्यार्थियों को दी गई।
गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) द्वारा दिव्यांगजनों के सशक्तीकरण, शिक्षा, प्रशिक्षण एवं रोजगार के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों से भी विद्यार्थियों को अवगत कराया गया।
इस अवसर पर प्राचार्य डॉ. रोहिताश्व कुमार शर्मा ने अपने वक्तव्य में दिव्यांगजनों के प्रति संवेदनशीलता, समान अवसर, सामाजिक समावेशन एवं आत्मनिर्भरता के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को दिव्यांगजनों के अधिकारों, शासकीय योजनाओं और रोजगार के अवसरों की जानकारी समाज के जरूरतमंद वर्ग तक पहुँचाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि उचित मार्गदर्शन, कौशल विकास एवं सहयोग के माध्यम से दिव्यांगजन सम्मानजनक और स्वावलंबी जीवन की ओर आगे बढ़ सकते हैं।
सप्ताहभर आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में दिव्यांगजनों के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने के साथ-साथ उन्हें रोजगार प्रशिक्षण एवं सामाजिक स्तर पर राज्य एवं केन्द्र सरकार के स्तर पर, स्वसहायता समूहों के स्तर पर सामाजिक सहयोग की व्यावहारिक जानकारी प्रदान करना रहा। यह पहल दिव्यांगजनों को समान अवसर उपलब्ध कराने और उन्हे समाज की मुख्य धारा से जोडने की दिशा में एक सार्थक प्रयास रहा।
इस कार्यक्रम को सफल बनाने में महाविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापको डॉ.सुमन रोहिला, डॉ.एस.सी. गुप्ता, डॉ. आमिर एजाज, डॉ. वरवडे एवं अन्य स्टाफ के सदस्यों के साथ बडी सख्या मे छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। अंत में कार्यक्रम का संचालन एवं आभार डॉ. तिमोथियस एक्का के द्वारा किया गया।



