प्रदेश सरकार द्वारा चलाए जा रहे कौशल विकास प्रशिक्षण योजना और कार्यक्रम से पारंपरिक शिल्पकारों और कारीगरों के जीवन में बड़ा बदलाव आ रहा है। इनके जरिए शिल्पकारों को न केवल आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण मिल रहा है, बल्कि उनका व्यापार बढ़ाने और आय में वृद्धि करने में भी सीधी मदद मिल रही है।
रायसेन जिले के तामोट निवासी माटीकला शिल्पकार श्री लक्ष्मी नारायण प्रजापति भी उन हितग्राहियों में शामिल हैं जिन्हें योजना का लाभ मिलने से उनके व्यवसाय का विस्तार होने के साथ आय में भी वृद्धि हुई है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को धन्यवाद देते हुए श्री लक्ष्मी नारायण कहते हैं कि कौशल विकास प्रशिक्षण प्राप्त करने से उनके कौशल में वृद्धि होने के साथ व्यवसाय को बढ़ाने के नए अवसर भी मिले।
उन्होंने बताया कि गत माह प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के समक्ष अपने कौशल का प्रदर्शन करने का अवसर भी मिला। उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश सरकार द्वारा कुम्हारों (माटी कला शिल्पकारों) के पारंपरिक हुनर को निखारने और उन्हें आधुनिक तकनीकों से जोड़ने के लिए कौशल विकास प्रशिक्षण योजना का संचालन मध्यप्रदेश खादी तथा ग्रामोद्योग के माध्यम से किया जा रहा है।
जिसमें कुम्हार समाज और माटी शिल्प से जुड़े कारीगरों को आधुनिक डिजाइन, इलेक्ट्रिक चाक (चॉक) संचालन, और मिट्टी के उन्नत बर्तन व कलात्मक वस्तुएं बनाने का निःशुल्क प्रशिक्षण दिया जाता है।

