विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, नवाचार और समस्या-समाधान की क्षमता विकसित करने के उद्देश्य से भोपाल विज्ञान मेला-2026 का आयोजन 22 से 26 सितंबर तक बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय परिसर, भोपाल में किया जाएगा। विज्ञान भारती, मध्य भारत प्रांत, मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (मैपकॉस्ट) और बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित मेले में इस वर्ष विद्यार्थियों को केवल वैज्ञानिक मॉडल प्रदर्शित करने के स्थान पर समाज की वास्तविक समस्याओं के तकनीकी एवं व्यावहारिक समाधान विकसित करने का अवसर मिलेगा।
‘नवाचार संगम’ में 100 से अधिक परियोजनाएं होंगी प्रदर्शित
मेले की विशेष पहल ‘नवाचार संगम’ के अंतर्गत विद्यार्थियों द्वारा तैयार 100 से अधिक नवाचार परियोजनाएं प्रदर्शित की जाएंगी। विद्यार्थियों ने कृषि, फसल सुरक्षा, कृषि उत्पादों के बाजार एवं विपणन, हाथ ठेला संचालन, श्रमिक सुरक्षा, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, अपशिष्ट प्रबंधन और ऊर्जा सहित विभिन्न क्षेत्रों की वास्तविक समस्याओं को आधार बनाकर समाधान विकसित किए हैं। इस पहल से विद्यार्थियों को समस्या की पहचान, उसके विश्लेषण, प्रयोग, मॉडल निर्माण और व्यावहारिक समाधान विकसित करने की प्रक्रिया से जोड़ा गया है। विद्यार्थियों को संबंधित समस्याओं को बेहतर ढंग से समझने के लिए किसान, श्रमिक, मैकेनिक और तकनीशियन सहित संबंधित क्षेत्र के लोगों से संवाद करने के लिए भी प्रोत्साहित किया गया है।
इसरो, सीएसआईआर और आईआईटी सहित 53 वैज्ञानिक संस्थाएं होंगी सहभागी
मेले के ‘महाप्रदर्शन’ में देश की प्रमुख वैज्ञानिक एवं तकनीकी संस्थाएं अपने अनुसंधान और तकनीकी उपलब्धियों को प्रदर्शित करेंगी। आयोजन में इसरो, आईआईटी, आईआईएसईआर, सीएसआईआर, मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, राजा रमन्ना प्रगत प्रौद्योगिकी केंद्र,एनटीपीसी, सीआईएल और गैल सहित लगभग 53 वैज्ञानिक संस्थाओं, उद्योगों एवं संगठनों की सहभागिता प्रस्तावित है। महाप्रदर्शन के माध्यम से विद्यार्थियों और आम नागरिकों को देश में हो रहे वैज्ञानिक अनुसंधान एवं तकनीकी विकास को प्रत्यक्ष रूप से समझने का अवसर मिलेगा। मैपकॉस्ट द्वारा ‘रूरल टेक्नोलॉजी पवेलियन’ में विभिन्न शिल्पकारों, नवाचारियों एवं स्वयंसेवी संस्थाओं के कार्यों को 45 स्टॉल के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा।
वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों से सीधे संवाद करेंगे विद्यार्थी
भोपाल विज्ञान मेले में ‘सीधा संवाद’ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसमें विद्यार्थी वैज्ञानिकों एवं विशेषज्ञों से सीधे बातचीत कर विज्ञान, अनुसंधान, प्रौद्योगिकी और वैज्ञानिक कॅरियर से जुड़े प्रश्न पूछ सकेंगे। इसके साथ ही ‘मेला दर्शन’ के अंतर्गत विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों को विज्ञान मेले का भ्रमण कराया जाएगा। विद्यार्थी वैज्ञानिक संस्थाओं के प्रदर्शन, नवाचार परियोजनाओं और तकनीकी मॉडलों को प्रत्यक्ष रूप से देख सकेंगे।
उद्घाटन सत्र में देश के ख्यात वैज्ञानिक एवं वास्तुविद होंगे शामिल
उद्घाटन सत्र में सीएसआईआर के पूर्व महानिदेशक एवं विज्ञान भारती के अखिल भारतीय अध्यक्ष डॉ. शेखर मांडे और राम मंदिर के वास्तुविद सोमपुरा परिवार के श्री आशीष सोमपुरा सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहेंगे। इसी अवसर पर वरिष्ठ वास्तुविद एवं पद्मश्री श्री चंद्रकांत बी. सोमपुरा को ‘विज्ञान प्रतिभा सम्मान-2026’ से सम्मानित किया जाएगा।
भोपाल विज्ञान मेला वर्ष 2012 से विज्ञान भारती की पहल के माध्यम से आयोजित किया जा रहा है। आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों, शिक्षकों, शोधार्थियों और आम नागरिकों को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी से जोड़ते हुए वैज्ञानिक ज्ञान को समाज की वास्तविक आवश्यकताओं के व्यावहारिक समाधान में परिवर्तित करने के लिए प्रेरित करना है।




